पूर्वी नौसेना कमान एफ ओ सी इन सी (पूर्व)

फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, पूर्वी नौसेना कमान

वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन, एवीएसएम, वीएसएम

पूर्वी नौसेना कमान एफ ओ सी इन सी (पूर्व)30 मई 2019 को वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन, एवीएसएम, वीएसएम ने पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफ़िसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला।

जुलाई 1982 में भारतीय नौसेना में शामिल होने वाले वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन सैनिक स्कूल रीवा, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (पुणे), डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (वेलिंगटन), कॉलेज ऑफ नेवल वारफेयर (मुंबई) और नेशनल डिफेंस कॉलेज (प्रिटोरिया, दक्षिण अफ्रीका) के पूर्व छात्र हैं। एडमिरल ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (दिल्ली) से स्नातक किया है और उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा और सामरिक अध्ययन में अपनी स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।

गनरी और मिसाइल विशेषज्ञ, वाइस एडमिरल ने 37 साल से अधिक के अपने विशिष्ट करियर के दौरान अनेक परिचालानात्मक, कमर्चारी और कमान नियुक्तियां प्राप्त की है। वाइस एडमिरल जैन ने भा नौ पो निर्घात (मिसाइल बोट), भा नौ पो खुकरी (मिसाइल कार्वेट), भा नौ पो राजपूत (विध्वंसक) और स्वदेशी निर्मित विध्वंसक, भा नौ पो मैसूर की कमान संभाली है। उन्हें भा नौ पो ब्रह्मपुत्र के कमान कार्यकारी अधिकारी और विशाखापट्टनम के पूर्वी बेड़े के बेड़े संचालन अधिकारी होने का गौरव भी प्राप्त है। उनकी अपतटीय नियुक्तियों में डायरेक्टर नेवल इंटेलिजेंस (प्रोटोकॉल), डायरेक्टर फॉरेन लाइजन और एकीकृत मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय (नौसेना), दिल्ली में प्रिंसिपल डायरेक्टर स्टाफ रिक्वायरमेंट के पद शामिल हैं।

अक्टूबर 2011 में ध्वजाधिकारी  रैंक पर पदोन्नति देकर उन्हें कर्नाटक नौसेना क्षेत्र के पहले ध्वजाधिकारी कमांडिंग के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद, उन्होंने प्रतिष्ठित पूर्वी बेड़े की कमान संभाली और कर्मचारी प्रमुख, मुख्यालय, एसएनसी के रूप में भी काम किया। 01 अप्रैल 15 को उन्हें वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नत किया गया था, उस समय वे नियंत्रक कार्मिक सेवा (सीपीएस) थे। फरवरी 16 से दिसंबर 17 तक ध्वजाधिकारी की नियुक्ति कर्मचारी प्रमुख, मुख्यालय, ईएनसी के रूप में हुई और उसके बाद सी-इन-सी के रूप में पदभार से पहले उन्होंने नई दिल्ली में इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के एडमिरल का पदभार संभाला। उनकी विशिष्ट सेवा के लिए, उन्हें 2009 में विशिष्ट सेवा मेडल और 2015 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।

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