फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान

वाइस एडमिरल अनिल कुमार चावला, एवीएसएम, एनएम, वीएसएम

फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान

वाइस एडमिरल अनिल कुमार चावला, एवीएसएम, एनएम, वीएसएम ने 31 जुलाई 2018 को दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का पदभार संभाला।

एडमिरल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं और वे जनवरी 1978 में अकादमी में शामिल हुए थे। अपने मिडशिपमेन प्रशिक्षण को पूरा करके उन्हें अपने पाठ्यक्रम में आउटस्टैंडिंग मिडशिपमेन होने पर 'सोर्ड ऑफ़ ऑनर' से सम्मानित किया गया था। वे 01 जनवरी 1982 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए, उन्होंने 1988 में नौपरिवहन और दिशा में विशेषज्ञता हासिल की और बाद में नौसेना के फ्रंटलाइन फ्रिगेट को लगातार दो बार संचालित किया। वाइस एडमिरल प्रमुख चावला ने एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विराट समेत पांच फ्रंट लाइन भारतीय नौसेना और भारतीय तट रक्षक पोतों का कमान संभाला।

उनके प्रमुख प्रसिद्धियों और कर्मचारी नियुक्तियों में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के प्रशिक्षक, नौसेना के नेतृत्व और व्यवहार अध्ययन केंद्र के डिप्टी डायरेक्टर, जकार्ता के भारतीय दूतावास में डिफेन्स अटैच, वेलिंगटन के डिफेन्स सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में वरिष्ठ प्रशिक्षक (नौसेना) और सीएनएस में नौसेना सहायक का पद शामिल है। उन्हें अगस्त 2010 में वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नत किया गया था और वे नौसेना कर्मचारी (विदेशी सहयोग और खुफिया) के सहायक प्रमुख रह चुके हैं, इससे पहले उन्होंने नौसेना के मुख्यालय में नौसेना कर्मचारी (नीति और योजना) में सहायक प्रमुख के रूप में लंबे समय तक कार्य किया है, जहां उन्होंने भारतीय नौसेना के बजट और अधिग्रहण का कार्यभार संभाला। इसके बाद उन्होंने 16 अगस्त 2013 से 01 अक्टूबर 2014 तक पश्चिमी बेड़ा, भारतीय नौसेना के सोर्ड आर्म का कार्यभार संभाला। दिसम्बर 2014 में वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नति पाकर वे डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशन नियुक्त हुए। वर्तमान नियुक्ति से पहले, उन्हें नौसेना मुख्यालय में चीफ ऑफ़ पर्सनेल के रूप में नियुक्त किया गया था। वे प्रिंसिपल पर्सनेल ऑफिसर्स कमिटी (पीपीओसी) के चेयरमैन भी रह चुके हैं।

वाइस एडमिरल चावला ग्रीनविच (यूके) के रॉयल नेवल स्टाफ कोर्स, नेवल हायर कमांड कोर्स और 48वें एनडीसी कोर्स में भाग ले चुके हैं।

उन्होंने 1988-89 में ऑपरेशन पवन में भाग लिया था, जहां उनकी प्रशंसा एफओसी-इन-सी ईस्ट द्वारा की गई थी। ऑपरेशन पराक्रम के दौरान आईएनएस कोरा के कमांड के लिए उन्हें 2003 में नौसेना पदक से सम्मानित किया गया था, उन्हें 2013 जनवरी 13 को विशिष्ट सेवा मेडल और 2015 में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।

Back to Top